Helping The others Realize The Advantages Of Smashan



साधक साधना में उपयोग की सामग्री (नैवेद्य, भोग) तथा अपना भोजन स्वयं तैयार करें। 

जिसे कभी चंद्रग्रहण तो कभी सूर्यग्रहण के नाम से जाना जाता है, जिसमें कभी-कभी ग्रहण में चंद्र पर ग्रहण लग जाता है तो कभी कभी सूर्य पर ग्रहण लग जाता है.

जिसके कारण यह कुछ राशियों को शुभ फल देता है तो कुछ राशियों को अशुभ फल देता है और अगर आध्यात्मिक की दृष्टि से देखा जाए तो ग्रहण काल का समय साधकों के लिए किसी प्रकार के वरदान से कम नहीं होता है.

अपने गुरु एवं परमात्मा पर पूर्ण विश्वास और श्रद्धा रखें। 

ॐ काला भैरू, कपिला केश। काना कुंडल भगवा वेष।

शाबर मंत्र को सिद्ध करते समय इन नियमों का पालन करें

साफ-स्वच्छ, धुले हुए वस्त्रों का उपयोग करें। 

साधना समय में असली धूप का हीं उपयोग करें। 

साधना के लिए एक निश्चित समय और स्थान का पालन करें।

भैरव को बुलाने का मंत्र क्या है ? बटुक भैरव check here मंत्र एवं संपूर्ण साधना विधि जाने !

नियमित और दृढ़ता:- मंत्र की सिद्धि के लिए नियमित और निरंतर अभ्यास आवश्यक है। प्रत्येक दिन निर्धारित संख्या में मंत्र का जप करें।

अब आप यह सोच रहे होंगे कि आखिर इसका असर हमारे ऊपर कैसे पढ़ता है तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण लगता है तो इसका प्रभाव सीधा हमारी राशियों पर आता है.

हर मंत्र की प्रत्येक विधि होती है, उसी का पालन करें।

काली काली शामनते। ब्रह्मा की धीशु शाशु।

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